महान इंसान की महाकाय प्रतिमा. (स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी)

आंखिर बनकर तैयार है महान इंसान की महाकाय प्रतिमा. (स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी) सरदार वल्लभाई पटेल की १८२ मीटर ऊँची प्रतिमा.  आज ३१ अक्टूबर उनकी जयंती के अवसरपर हुवा उद्धाटन. दुनिया की सबसे बड़ी मूर्तियों में पेहले नंबर पर है स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी, इसके पहले पेहले नंबर पर चीन में बनी बुध्द की मूर्ति जो की स्प्रिंग टेंपलमें है, जिसकी ऊँची १५३ मीटर है. स्टैचू ऑफ़ यूनिटी का कुल वजन १७०० टन है और ऊँचाई १८२ मीटर है. इसके पैर की ऊँचाई ८० फिट और हाथ की ऊँचाई ७० फीट, चहरे की ऊँचाई ६० फिट और कंधे की ऊँचाई १४० फिट है. नरेंद्र मोदी के मौजूदगी में भव्य तरीके से आयोजित किया गया है. गुजरात सरकार और नरेंद्र मोदी का मानना है की इस विशालकाय मूर्ति को देखने के लिए देश से नहीं बल्कि विदेश से भी यात्री आएंगे.

स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी

सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाने के लिए करीब २,९८९ करोड़ रुपये का खरचा किया गया है. इस मूर्ति का निर्माण राम वी. सुतार के देखरेख में हुवा है. राम वी. सुतार को साल २०१६ में सरकार ने पद्मभूषण से सम्मानित किया है. चीन स्थित स्प्रिंग टेंपल की १५३ मीटर ऊँची बुध्द प्रतिमा के नाम अब तक सबसे ऊँची मूर्ति होने का रिकॉर्ड था. मगर सरदार पटेल की इस प्रतिमा ने चीन में स्थापित इस प्रतिमा को पीछे छोड़ दिया है. सरदार पटेल की मुख्य प्रतिमा बनाने के लिए  १,३४७ करोड़ रुपए खर्च किए है और २३५ करोड़ रुपये हॉल और सभामंड़प के लिए किये गये है. सरकार की और से पर्यटकों के ठहरने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, इस लिये सरकार कुछ आमदनी के लिए टिकट भी लगाएगी.

मूर्ति बनाने वाली कंपनी ने दावा किया है की स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा है और ३३ माह के रिकॉर्ड कम समय में बनकर तैयार हुई है. यह प्रतिमा नर्मदा नदीपर बने सरदार सरोवर बाँध से ३.५ किलोमीटर की दुरी पर स्थित है. मूर्ति बनाने वाली कंपनी के मुख्य अधिकारी ने कहा की “स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी जंहा राष्ट्रीय गौरव और एकता की प्रतिमा है वहीं यह भारत के इंजीनियरिंग कौशल तथा परियोजना प्रबंधन क्षमताओं का सम्मान है.” क्यों की स्प्रिंग टेंपल के बुध्द की मूर्ति बनाने में करीब ११ साल लगे है और स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी को बनानेमे केवल ३३ माह लगे है. इस स्मारक की आधारशिला ३१ अक्टूबर २०१३ को पटेल की १३८ वीं वर्षगांठ के मौके पर रखी गई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, इसके लिए बीजेपी ने पुरे देश में लोहा इकठ्ठा करने का अभियान भी चलाया था.

सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाते समय बीजेपी और कोंग्रेस में आरो-प्रत्यारोप भी हो चुके है. कोंग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने मेड इन चाइना बताया था तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शान ने उसका बड़ी अच्छी तरह राहुल गांधी को उत्तर भी दिया था. अमित शाह ने कहा था की ऐसे समय में भारत “स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी” का निर्माणकर सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रधांजलि देना चाहते है, और कोंग्रेस अध्यक्ष मूर्ति बनाने की योजनाओं को लेकर झूटी अफवाह फैला रहे है, जो की पूरी तरह से शर्मनाक है.

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