प्रकाशा – दारुबंदी के लिए मुख्यमंत्री को लगाईं पुकार

प्रकाशा गाव में चल रहे बढ़ते शराब व्यापार से ग़ाव के कई परिवार रस्ते पर आते नजर आरहे है. कुछ दिन पहले ही गाँव वालों ने शराब प्रतिबंध के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव किया, ग्राम पुलिस को निवेदन दिया, पुलिस निरीक्षक को निवेदन दिया, पुलिस निरीक्षक, जिल्हाधिकारी ऐसे सभी अधिकारियों के दारु प्रतिबंध के लिए पैर पड़े लेकिन फिर जवाब में गाँव वालों को मिला सिर्फ हौसला की दारु प्रतिबंध हो जाएगा. पिलिस प्रशासन ना कुछ कर रहा है ना जिला प्रशासन, इन सभी से लास्ट हो के आखिर गाँव वालों ने मुख्यमंत्री के दरबार पर पुकार लगाई है. उन्हें लग रहा है शायद मुख्यमंत्री ही इस बात में हमारी मदत कर दे.

न्यायव्यवस्था ही नहीं देगी न्याय?

गाँव के लोगो को जिला स्तर पर कोई न्याय नहीं मिल रहा है. ये जिले के लिए एक शर्मनाक बात है. अगर इसमे न्यायव्यवस्था कोई न्याय नहीं दे सकती फिर क्या वो न्यायव्यवस्था है? इसपे एक सवाल खडा हुवा है. जिल्हा अधिकारी और जिला पुलिस अधिकारी भी इसमे कुछ कर नहीं पा रहे है ये भी एक बड़ी बात है. क्या अब हमें अपने न्याय के लिए हर वक्त ऐसे ही मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पुकार लगानी पड़ेगी? क्या हमें हमारे स्तर पर कोई न्याय नहीं मिलेगा? इन सब सवालों का जवाब या खुद अधिकारी देंगे या फिर अब मुख्यमंत्री.

प्रकाशा - दारुबंदी के लिए मुख्यमंत्री को लगाईं पुकार

दारु ने किए कई परिवार बर्बाद.

दारु की वजह से कई परिवारों की दुनिया बर्बाद हो गई है, नए लडकों को शाराब की लत लग चुकी है, उनका इस सब से निकला ना नामुमकिन है. इस पूरी समस्या को देखते हुए. प्राकशा गाँव के लोगो ने ग्रामसभामे प्रस्ताव किया था की गाँव का दारु व्यवसाय बंद हो जाए. लेकिन उसके बदले उलटा गाँव में दारु व्यवसाय बढ़ चुका है. इस के कारन १५ ऑगस्ट को ग्राम सभा बुलाई गई थी. इस वक्त गाँव के पुरुष और महिला बड़ी संख्या में जमे हुए थे. तभी बाकी सभी ग्राम समस्याओं के चर्चे के बाद. दारु प्रबंध इस विषय पर भर डाला गया, और दारु प्रतिबंध का प्रस्ताव भी ग्रामसभा में पास हुवा.

प्रस्ताव होकर भी चल रहा है अवैध व्यवसाय.

प्रस्ताव पास हुवा, दारु प्रतिबंध को गाँव वालों की तरफ से पूरी मंजूरी मिली, फिर भी आज गाँव में बड़े पैनामे में दारु का व्यापार हो रहा था. फिर गाँव वालों ने सोचा की इस पूरी घटना में हमें अब आगे के अधिकारी और पदाधिकारी ही मदत कर सकते है. लेकिन इस में ना गाँव के बड़े लोगो ने हस्तक्षेप किया, ना ग्राम पुलिस, ग्राम सेवक और सरपंच ने, ना जिला अधिकारी, जिला पुलिस अधिकारी ने. ये दारु का व्यवसाय ऐसे ही चल रहा है.

प्रकाशा - दारुबंदी के लिए मुख्यमंत्री को लगाईं पुकार

मुख्यमंत्री को आवेदन देकर मांगी मदत.

अब गाँव वालों को पर्याय दिखा तो सिर्फ एक, की इसमे हमारी मदत सिर्फ मुख्यमंत्री कर सकते है, और आंखिरी उन्होंने मुख्यमंत्री को भी एक आवेदन दिया है. गाँव वालों की आशा है की शायद इसमे अब हमारे मुख्यमंत्री ही कुछ मदत कर दें. आवेदन में लिखा है की – नंदुरबार जिले में आने वाले प्रकाशा गाँव में बोहत बड़े पैमाने पर दारु व्यवसाय चल रहा है. इस पर अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है. इसमे दारु का व्यवसाय बढ़ते जा रहा है, इसमे गाँव का बड़ा नुकसान है. बयान में कहा गया है की अवैध शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया जाए.

 

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